हाफ गर्लफ्रेंड Film Review: चेतन भगत के नॉवेल पर बनी है कमजोर फिल्म

फिल्म का नाम: हाफ गर्लफ्रेंड
डायरेक्टर: मोहित सूरी
स्टार कास्ट: अर्जुन कपूर, श्रद्धा कपूर, विक्रांत मस्सी, रिया चक्रवर्ती, सीमा बिस्वास
अवधि: 2 घंटा 15 मिनट
सर्टिफिकेट: U/A
रेटिंग: 2 स्टार

राइटर चेतन भगत की नॉवेल पर ‘हैलो’, ‘काय पो चे’, ‘3 इडियट्स’, और ‘2 स्टेट्स’ जैसी फिल्में बनाई गई हैं, जिसमें कई फिल्में सक्सेसफुल भी रही हैं. एक बार फिर से चेतन की नॉवेल ‘हाफ गर्लफ्रेंड’ पर आधारित इसी नाम की फिल्म बनायी गई है, जिसमें बिहार के लड़के और दिल्ली की लड़की की दास्तान को बयां किया गया है. फिल्म को ‘आशिकी 2’ और ‘एक विलेन’ जैसी हिट फिल्म देने वाले मोहित सूरी ने डायरेक्ट किया है. जानते हैं कैसी बनी है यह फिल्म और कैसी है.

फिल्म की कहानी:

यह कहानी बिहार के बक्सर जिले के डुमरांव गांव के रहने वाले माधव झा (अर्जुन कपूर) की है जो गांव से दिल्ली शहर में पढ़ाई करने के लिए जाता है और वहां उसकी मुलाकात अमीर घराने की लड़की रिया सोमानी (श्रद्धा कपूर) से होती है. माधव और रिया दोनों को ही बास्केटबॉल बहुत पसंद है. बास्केटबॉल कोर्ट पर ही दोनों की मुलाकातें होने लगती हैं. माधव को अंग्रेजी नहीं आती जिसकी वजह से उसका बार-बार मजाक उड़ाया जाता है. माधव का दोस्त शैलेश (विक्रांत मस्सी) हमेशा उसका साथ देता है.

एक दिन कुछ ऐसा होता है, जिसकी वजह से माधव और उसकी हाफ गर्लफ्रेंड रिया में अलगाव हो जाता है. इस वजह से माधव अपने गांव वापस आ जाता है और रिया कहीं दूर निकल जाती है. फिर कहानी में ट्विस्ट और टर्न्स आते हैं और एक बार फिर से माधव और रिया की मुलाकात अलग परिस्थिति में होती है. कहानी फिर लंदन तक भी पहुंचती है और इसे अंजाम मिलता है.

फिल्म की कहानी काफी कमजोर सी है. स्क्रीनप्ले बहुत ही ठंडा है जिस पर काम किया जा सकता था. जो बात चेतन भगत की 2 स्टेट्स और 3 इडियट्स जैसी फिल्मों में थी, वो यहां बिल्कुल देखने को नहीं मिलती है.

फिल्म के संवाद भी काफी कमजोर है और रोमांस, ड्रामा में भी कुछ खास बात नहीं है. किसी भी रोमांटिक फिल्म को देखते वक्त इंसान उसमें खो जाना चाहता है, लेकिन इस फिल्म के दौरान कुछ ऐसा फील नहीं हो पाता है, जो कि स्क्रीनप्ले की कमी है.

स्टारकास्ट की परफॉर्मेंस

अर्जुन कपूर का काम सहज है और माधव के किरदार में वे फिट बैठे हैं. उनका बात करने का अंदाज भी अच्छा है. अर्जुन के दोस्त के रूप में मंझे हुए एक्टर विक्रांत मस्सी के काम को देखते हुए कहा जा सकता है कि उनको फ्यूचर में और भी प्रोजेक्ट्स मिलेंगे. श्रद्धा कपूर का काम भी अच्छा है और बाकी कलाकारों ने भी अपना पूरा योगदान दिया है।

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